' आदि - आदि अनेक उपयोगी तथा बहुमूल्य सिद्धान्तों पर अध्याय लिखकर पाठको को धन की प्रचुरता का दिग्दर्शन करवाना चाहा है - वही हमने ज्योतिष के कुछ अलभ्य एवं अप्रचलित के नियमो का उल्लेख सम्भवतया पहली बार किया है l
ज्योतिष ज्ञान के लिए अब यह जरूरी नहीं रह गया है कि आपको संस्कृत का ज्ञान हो ही I इस विषय से सम्बंधित मूल ग्रंथो का हिंदी में ही नहीं
उनका सार भी इसमें शामिल है। मुझे विस्वास है कि इस पुस्तक द्वारा आप इस विद्या को पा तरह समझ सकेंगे और इसका लाभ उठा सकेंगे ।
This book reveals the hidden meanings behind the lines
Bhartiya Jyotish Author- Narayan Datt Shrimali
Shani Dasha Digdarshan [Hindi] Louise L Hay ' आदि - आदि अनेकAuthor Mridula Trivedi, TP Trivedi , ' ' I , , , , , , , , : I : , . : , . : , . , . : , . . . I . I , , , I . . I ' ' , I